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AI से इमेज अपस्केल करें

आपके ब्राउज़र में चलने वाले AI सुपर-रेज़ोल्यूशन मॉडल से इमेज को 2× या 4× बड़ा करें। डिटेल बनी रहती है और फ़ोटो अपलोड नहीं होती।

अपस्केल करने के लिए इमेज यहाँ खींचकर छोड़ेंया ब्राउज़ करने के लिए क्लिक करें · Ctrl+V से पेस्ट करें · मुफ़्त में 1.1 MP तक
इमेज चुनेंआपके डिवाइस पर प्रोसेस होती है — कभी अपलोड नहीं होती
आपके ब्राउज़र में चलता है · अपलोड नहीं होतायह कैसे काम करता है

इमेज अपस्केलर इस्तेमाल कैसे करें

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    इमेज जोड़ें

    JPG, PNG, WebP या HEIC, करीब 1.1 मेगापिक्सल तक। इससे बड़ी तस्वीरों को एक क्लिक में छोटा करके फ़िट किया जा सकता है।

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    स्केल और मॉडल चुनें

    2× या 4× चुनें। सबसे साफ़ नतीजे के लिए बेस्ट क्वालिटी चुनें, और धीमे कंप्यूटर के लिए तेज़ चुनें।

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    अपस्केल करें

    टाइल-दर-टाइल प्रगति और बचा हुआ अनुमानित समय देखें। जब चाहें, रद्द करें।

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    तुलना करें और सेव करें

    स्लाइडर से 100% ज़ूम पर बारीकियाँ जाँचें, फिर PNG, JPG या WebP डाउनलोड करें।

सीमाएँ और Pro

इनपुट इमेज करीब 1.1 मेगापिक्सल तक (जैसे 1280 × 860) और 25 MB तक, 2× या 4× अपस्केल, बिना वॉटरमार्क के।

2× पर 4.2 मेगापिक्सल और 4× पर 2.1 मेगापिक्सल तक के इनपुट — ब्राउज़र टैब मेमोरी में आराम से इतना ही रख पाता है — और 25 MB से बड़ी फ़ाइलें। Pro देखें

इमेज अपस्केलर के बारे में

यह अपस्केलर आपकी इमेज से ठीक दो या चार गुना चौड़ी और ऊँची इमेज बनाता है। इसे बाइक्यूबिक इंटरपोलेशन से खींचा नहीं जाता, बल्कि Swin2SR सुपर-रेज़ोल्यूशन ट्रांसफ़ॉर्मर दोबारा तैयार करता है। 640 × 480 की फ़ोटो 2× पर 1280 × 960 और 4× पर 2560 × 1920 बन जाती है। इमेज को ओवरलैप होती टाइलों में प्रोसेस किया जाता है और हर टाइल का सिर्फ़ बीच का हिस्सा रखा जाता है, इसलिए जोड़ दिखाई नहीं देते। PNG या WebP फ़ाइलों की पारदर्शिता बनी रहती है, क्योंकि अल्फ़ा चैनल को अलग से रीसैंपल किया जाता है। नतीजा लॉसलेस PNG में, या एडजस्ट की जा सकने वाली क्वालिटी के साथ JPG या WebP में सेव करें। EXIF मेटाडेटा आगे नहीं जाता।

तीन मॉडल उपलब्ध हैं: एक हल्का 2× नेटवर्क, जो आम लैपटॉप पर तेज़ चलता है; साफ़-सुथरी इमेज में सबसे तीखे किनारों के लिए क्लासिकल 2× मॉडल; और रियल-वर्ल्ड 4× मॉडल, जिसे शोर, धुंधलापन और JPEG ब्लॉकिंग वाली फ़ोटो पर ट्रेन किया गया है और जो बड़ा करते समय इन खामियों को भी साफ़ करता है। छोटी प्रोडक्ट फ़ोटो, पुराने स्कैन, प्रिंट के लिए चाहिए थंबनेल, कम रेज़ोल्यूशन वाले स्क्रीनशॉट और डिजिटल आर्टवर्क इसके लिए अच्छे उदाहरण हैं।

सुपर-रेज़ोल्यूशन विश्वसनीय लगने वाली बारीकियों का अनुमान लगाता है। जो टेक्स्ट पढ़ा नहीं जा सकता था, फ़ोकस से बाहर चेहरे या मोशन ब्लर को यह वापस नहीं ला सकता, और यह फ़ोरेंसिक एन्हांसमेंट टूल नहीं है। वीडियो अपस्केलिंग और एक बार में 4× से ज़्यादा बड़ा करना समर्थित नहीं है।

गोपनीयता

हर टाइल को आपके ब्राउज़र के भीतर Web Workers में चलने वाला ONNX मॉडल बेहतर बनाता है, इसलिए आपकी फ़ाइल आपके डिवाइस से बाहर नहीं जाती और कोई सर्वर पिक्सल नहीं देखता। ब्राउज़र चुना हुआ मॉडल (8 से 55 MB, Hugging Face से) सिर्फ़ एक बार लाकर कैश में रखता है, जिससे अपस्केलर ऑफ़लाइन भी काम करता है।

खूबियाँ

असली सुपर-रेज़ोल्यूशन

Swin2SR ट्रांसफ़ॉर्मर पिक्सल इंटरपोलेट करने के बजाय किनारे और बनावट दोबारा बनाते हैं।

बिना जोड़ वाली टाइलिंग

ओवरलैप होती टाइलें बड़ी इमेज में मेमोरी कम रखती हैं और जोड़ नहीं दिखते।

खामियों की सफ़ाई

रियल-वर्ल्ड 4× मॉडल इमेज बड़ी करते समय JPEG ब्लॉकिंग और सेंसर शोर हटाता है।

AI अपस्केलिंग और आम रीसाइज़ में फ़र्क़

बाइलिनियर और बाइक्यूबिक रीसाइज़ सिर्फ़ मौजूदा पिक्सल के बीच इंटरपोलेट करते हैं, इसलिए बड़ी की गई तस्वीर धुँधली और ब्लॉक जैसी दिखती है। सुपर-रेज़ोल्यूशन नेटवर्क ने लाखों कम और ज़्यादा रेज़ोल्यूशन वाली इमेज जोड़ियों से सीखा है कि बारीक बनावट आमतौर पर कैसी दिखती है, और वह नए पिक्सल के लिए विश्वसनीय किनारे, बनावट और रेखाएँ अनुमान से बनाता है।

यह टूल Apache-2.0 लाइसेंस वाले तीन Swin2SR चेकपॉइंट इस्तेमाल करता है: साफ़ इमेज के लिए क्लासिकल ×2 मॉडल, रफ़्तार के लिए हल्का ×2 मॉडल, और शोर, धुंधलेपन व JPEG कंप्रेशन से बिगड़ी फ़ोटो पर ट्रेन किया गया रियल-वर्ल्ड ×4 मॉडल।

इमेज अपस्केलर: अक्सर पूछे जाने वाले सवाल

अपस्केल की गई इमेज कितनी बड़ी हो सकती है?
आउटपुट हर दिशा में इनपुट के साइज़ का दो या चार गुना होता है। मुफ़्त प्लान में इनपुट करीब 1.1 मेगापिक्सल तक हो सकता है, इसलिए सबसे बड़ा मुफ़्त 4× नतीजा लगभग 17 मेगापिक्सल का होता है, जैसे 5120 × 3440 पिक्सल। Pro में इनपुट 2× पर 4.2 मेगापिक्सल और 4× पर 2.1 मेगापिक्सल तक जाता है। बड़ी फ़ोटो को अपस्केल से पहले छोटा करके फ़िट किया जा सकता है।
मेरे लैपटॉप पर अपस्केलिंग धीमी क्यों है?
Swin2SR हर टाइल पर अरबों गणनाएँ करता है। WebGPU वाले Chrome या Edge में यह ग्राफ़िक्स कार्ड पर चलता है और कुछ ही सेकंड में पूरा हो जाता है। WebGPU न हो तो यह प्रोसेसर पर चलता है, जहाँ हर ब्राउज़र वर्कर एक ही थ्रेड पर चलता है, इसलिए टूल टाइलों को दो या तीन वर्कर में बाँट देता है। ऐसी मशीनों पर तेज़ मॉडल बेस्ट क्वालिटी से कई गुना जल्दी चलता है।
2× और 4× में क्या फ़र्क़ है?
2× चौड़ाई और ऊँचाई को दोगुना करता है, यानी पिक्सल चार गुना, और इसमें हल्का या क्लासिकल मॉडल चलता है। 4× हर तरफ़ चार गुना करता है, यानी पिक्सल सोलह गुना। बेस्ट क्वालिटी में असली फ़ोटो पर ट्रेन किया गया मॉडल चलता है, जो शोर और कंप्रेशन की खामियाँ भी हटाता है, जबकि तेज़ में हल्का 2× मॉडल दो बार चलता है। ज़्यादातर वेब और प्रिंट के लिए 2× काफ़ी और कहीं जल्दी है।
क्या AI अपस्केलिंग धुंधली फ़ोटो को साफ़ कर देगी?
यह किनारों को तीखा करती है और इमेज छोटी करने या ज़्यादा कंप्रेस करने में खोई बनावट लौटाती है, जो फ़ोटो के धुँधले दिखने की सबसे आम वजह है। जो बारीकी कभी रिकॉर्ड ही नहीं हुई, उसे यह नहीं बना सकती: फ़ोकस से बाहर चेहरा, तेज़ मोशन ब्लर या छोटे अक्षर साफ़ दिखेंगे, पर सच में पढ़े नहीं जा सकेंगे। शोर वाली फ़ोन फ़ोटो के लिए रियल-वर्ल्ड 4× मॉडल सबसे स्वाभाविक नतीजा देता है।
क्या अपस्केलिंग में पारदर्शिता और मेटाडेटा बने रहते हैं?
PNG या WebP में सेव करने पर पारदर्शिता बनी रहती है: अल्फ़ा चैनल को हाई-क्वालिटी रीसैंपलिंग से बड़ा करके अपस्केल हुए रंगों से जोड़ा जाता है। JPG में अल्फ़ा चैनल नहीं होता, इसलिए पारदर्शी हिस्से सफ़ेद हो जाते हैं। EXIF टैग, GPS लोकेशन और एम्बेडेड कलर प्रोफ़ाइल जैसा कैमरा मेटाडेटा आउटपुट में कॉपी नहीं होता, और फ़ोन की फ़ोटो प्रोसेस से पहले सीधी कर दी जाती हैं।
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